मेरी आवाज सुनो

Monday, February 07, 2005

धन्यवाद मित्रों

आप सभी मित्रों का धन्यवाद कि आपने मेरा ब्लाग देखा.

दरअसल व्यवसाय की व्यस्तता की वजह से कुछ भी लिखने का मौका ही नही मिल पा रहा है, उधर जीतू मामा ने भी आंखे दिखाना शुरु कर दिया है. अब तो लगता है कि कुछ ना कुछ लिखना ही पड़ेगा.
नही तो ब्लाग से जाऊंगा ही और मामा से पिटूंगा सो अलग.कोशिश करूंगा कि कम से कम हफ्ते मे एक बार जरूर लिखूँ, अब देखिये कब मौका मिलता है, आशा है आप लोग मेरी परेशानी समझेंगे और मुझे माफ करेंगे.

Thursday, January 27, 2005

नमस्कार

मै राजकुमार बचवानी, आगरा उत्तर प्रदेश से हूँ.
हिन्दी लिखने की प्रेरणा मुझे भाई जीतेन्द्र चौधरी के ब्लाग से मिली
मै भी अपनी बात आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा.